क्योंकि यूपीपीएससी की झोली इन दिनों नई और अधिक पदों वाली बड़ी परीक्षाओं से भरी पड़ी है, जबकि दो साल पहले हो चुकी परीक्षाओं के लंबित परिणामों के जारी न होने के संबंध में तर्क है कि स्टाफ की कमी है। होम्योपैथिक/आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी, पीसीएस (प्रारंभिक) 2018 और पीसीएस जे (प्रारंभिक) परीक्षा 2018 की तैयारी में परीक्षा विभाग की बड़ी टीम लगाकर यूपीपीएससी ने अन्य अभ्यर्थियों के भविष्य को ताख पर रख दिया है। यूपीपीएससी की ओर से 30 सितंबर को इलाहाबाद और लखनऊ में चिकित्साधिकारी के 1100 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा होनी है।
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