उन्होंने कहा कि यूपीटीईटी का प्रश्नपत्र इस तरह से तैयार किया जाए जिसमें सभी सवाल सुस्पष्ट हों। सवाल को समझने में अभ्यर्थी को कोई असमंजस न हो। वहीं उन्होंने इस बात पर खासा जोर दिया कि प्रश्नपत्र के सभी सवालों के सिर्फ एक उत्तर ही सहीं हो। किसी भी सवाल का एक से ज्यादा उत्तर न सही हो जिससे कि अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो। अकसर परीक्षाओं के बाद यह विवाद उठता है कि प्रश्नपत्र के अमुक सवालों के एक से ज्यादा उत्तर सही थे। ऐसे मामले कई बार कोर्ट तक पहुंचते हैं। लिहाजा अपर मुख्य सचिव का निर्देश था कि प्रश्नपत्र में पूछे गए सवालों और उनके उत्तर को लेकर अभ्यर्थियों के बीच कोई भ्रम की स्थिति न पैदा हो। बैठक में उन्होंने यूपीटीईटी को शुचितापूर्वक और निर्विवाद तरीके से संपन्न कराने पर जोर दिया।
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