इलाहाबाद : प्रदेश के नौ बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने पहले राज्य शिक्षक
पुरस्कार 2017 के लिए अपने जिले से आवेदन नहीं भेजा और अब स्पष्टीकरण देने
में भी आनाकानी कर रहे हैं। निर्देशों की अनदेखी करने वाले सभी नौ बीएसए को
20 अक्टूबर तक स्पष्टीकरण देने का मौका दिया है।
बीएसए जालौन, कौशांबी,
कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, मथुरा, मुरादाबाद, रामपुर, सिद्धार्थ नगर व सीतापुर
ने राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षकों के आवेदन नहीं भेजे थे। यह माना
गया कि उनके जिले में शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के कार्य नहीं हो रहे हैं।
बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने 17 सितंबर तक
स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन, अब तक किसी ने जवाब नहीं दिया है। अब उन्हें 20
अक्टूबर का समय यह कहते हुए दिया गया है कि यदि जवाब नहीं आता है तो माना
जाएगा कि उन्हें कुछ नहीं कहना और दोषी मानते हुए उत्तर दायित्व निर्धारित
किया जाएगा। 1उन्नाव का प्रधान सहायक निलंबित: भ्रष्टाचार निवारण संगठन
इकाई लखनऊ की ट्रैप टीम ने पिछले दिनों बीएसए कार्यालय उन्नाव के प्रधान
सहायक कौशल किशोर त्रिवेदी को रंगे हाथ पकड़कर जेल भेजा गया था। बीएसए की
रिपोर्ट पर अपर शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय ने प्रधान सहायक को उत्तर
प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली 1999 की व्यवस्थानुसार निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि में कौशल किशोर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय लखनऊ से
संबद्ध रहेंगे
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