प्रयागराज: सहायक अध्यापक भर्ती में शासन ने आरोपित शिक्षा विभाग के
अफसर व राजकीय शिक्षकों का नाम बताए बिना कार्रवाई करने का आदेश जारी किया
है।
शासनादेश जारी हुए 20 दिन बीत चुके हैं लेकिन परीक्षा नियामक
प्राधिकारी कार्यालय कार्रवाई को लेकर असमंजस में है। सचिव अब शासन को पत्र
लिखकर आरोपित पर्यवेक्षक व राजकीय कालेजों के शिक्षकों की सूची मांगेगे।
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती
लिखित परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी की जांच उच्च स्तरीय
कमेटी ने की थी। कमेटी ने मूल्यांकन में खामियां पकड़ी तो दोषी अधिकारी व
परीक्षक भी चिह्न्ति हुए। कमेटी ने मूल्यांकन में लगे राज्य विज्ञान शिक्षा
संस्थान उप्र के सात पर्यवेक्षकों और करीब तीन दर्जन राजकीय कालेजों के
शिक्षकों को दोषी माना है। शिक्षक ही कॉपियां जांच रहे थे। पहले
पर्यवेक्षकों में एससीईआरटी का नाम आया, बाद में पता चला कि यह पर्यवेक्षक
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय परिसर के ही राज्य विज्ञान संस्थान के
वरिष्ठ प्रवक्ता हैं।
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