चार नवंबर को प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) टाल दी गई
है। अब अध्यापक पात्रता परीक्षा 18 नवंबर को होगी। बीटीसी 2015 बैच के
प्रशिक्षुओं का दबाव और चार नवंबर को ही राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा
(एनटीएसई) होने से सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने टीईटी के लिए सरकार
से समय मांगा था।
बीटीसी 2015 के चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा 8 अक्टूबर को शुरू होने के
पहले ही सभी पेपर लीक होने के कारण निरस्त करनी पड़ी थी। इस कारण दिसंबर में
प्रस्तावित 95 हजार शिक्षकों की भर्ती से बीटीसी-15 बैच के 72668
प्रशिक्षुओं के बाहर होने का खतरा उत्पन्न हो गया।
इस बीच गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में बीटीसी
प्रशिक्षुओं को आश्वासन दिया है कि उनकी परीक्षा जल्द कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद इस मसले पर शुक्रवार शाम चार बजे से लखनऊ
में बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की बैठक बुला ली गई है।
माना जा रहा है कि बैठक में बीटीसी 2015 चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा
जल्द कराने पर निर्णय हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो टीईटी टालना पड़ेगा
क्योंकि एक साथ दोनों परीक्षाओं की तैयारी कराना संभव नहीं होगा। टीईटी
टलने से बीटीसी प्रशिक्षुओं को राहत मिलेगी क्योंकि परीक्षा देर से होने पर
शिक्षक भर्ती में शामिल होने की संभावना बढ़ जाएगी।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Advertisement
Breaking News
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- आचार्य और अनुदेशकों को कराई जाएगी बीटीसी, शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से मांगी सूची
- 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी का विरोध
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती-2014 पर शिकंजा, एफआईआर की संस्तुति
ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق