लखनऊ(जेएनएन)। सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का
गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है। सैकड़ों अभ्यर्थी 23 दिन बाद फिर राजधानी आ
धमके। चारबाग स्टेशन पर रणनीति तय कर टुकड़ों में अभ्यर्थी विधान भवन के
पास जुटे। इसके बाद बीजेपी कार्यालय का भी घेराव किया। पुलिस ने लाठियां
बरसाकर अभ्यर्थियों को खदेड़ा। साथ ही कई को हिरासत में भी लिया।
दरअसल, 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के परिणाम में मेरिट से बाहर हुए
अभ्यर्थियों आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि सरकार के 13 अगस्त के
आदेशानुसार आरक्षित वर्ग के लिए 40 व सामान्य वर्ग के लिए 45 फीसद न्यूनतम
अर्हता अंक के आधार पर परिणाम जारी किया गया। वहीं, 21 मई के शासनादेश 30 व
33 फीसद अंक के हिसाब से परिणाम न जारी करके उल्लंघन किया गया। ऐसे में
सितंबर में राजधानी में अभ्यर्थियों ने कई दिनों तक प्रदर्शन किया। वहीं
सरकार का रुख बदलते न देख कोर्ट पहुंच गए।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार कोर्ट में काउंटर नहीं दाखिल रही है। उधर, आठ अक्टूबर को काउंटर दाखिल करने के लिए मांग की।
आधा घंटा बवाल, सड़क की जाम
अभ्यर्थी दोपहर करीब दो बजे विधान भवन पहुंचे। इस दौरान बीजेपी कार्यालय
का भी घेराव किया और सड़क जाम कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों पर
लाठीचार्ज कर खदेड़ा। वहीं कई लोगों को हिरासत में लिया। करीब 30 मिनट चले
हंगामे के चलते हजरतगंज में जाम लग गया। राहगीरों को मुश्किलों का सामना
करना पड़ा।
चारबाग में शाम को बवाल
हजरतगंज से खदेड़े जाने के बाद अभ्यर्थी शाम को चारबाग में जुटे। पांच
बजे सभी ने स्टेशन के बाहर बैठक की। इसके बाद करीब छह बजे सड़क जाम करने
पहुंच गए। यहां तैनात पुलिस ने उन्हें डंडा फटकाकर खदेड़ दिया। इससे करीब
15 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा।
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