Important Posts

Advertisement

Govt Jobs : Opening

शिक्षक भर्ती मामले की छानबीन से आधा दर्जन अफसर व कर्मियों पर लटकी तलवार

इलाहाबाद (जेएनएन)। शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा परिणाम की गड़बडिय़ों को लेकर अभी जिन अफसरों पर कार्रवाई हुई है, वह बानगी भर है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के करीब आधा दर्जन अफसर व
कर्मचारियों को चिह्नित किए जाने के संकेत हैं, जिनकी अनदेखी से अंकों की हेराफेरी में उत्तीर्ण अभ्यर्थी अनुत्तीर्ण हो गए। वहीं, परीक्षा में फेल होने वाले कुछ अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र पा गए हैं। उन नामों का जल्द राजफाश उच्च स्तरीय समिति की जांच रिपोर्ट में होने के आसार हैं।
परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी होने के गंभीर आरोप 
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी होने के गंभीर आरोप लगे। शासन ने इस मामले की जांच तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति को सौंपी है। समिति के दो सदस्य सर्वशिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक वेदपति व बेसिक शिक्षा निदेशक डा. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह पिछले माह में तीन बार परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पहुंचकर गहन छानबीन कर चुके हैं। इसमें सोनिका देवी की उत्तर पुस्तिका बदलने, रिजल्ट में फेल व कॉपी पर उत्तीर्ण होने वाले प्रकरणों को बारीकी से खंगाला गया। अभिलेख जांचने के साथ ही इसके लिए उत्तरदायी लोगों को भी समिति ने चिह्नित किया है। परीक्षा परिणाम तैयार करने वाली एजेंसी पहले से ही गंभीर सवालों के घेरे में है, उस पर बड़ी कार्रवाई लगभग तय है। वहीं, परीक्षा कार्य में लगे दोषी अफसर व कर्मचारियों को भी निलंबित किए जाने की तैयारी है।

समिति अपनी रिपोर्ट जल्द ही शासन को सौंपेंगी। ज्ञात हो कि हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में पूर्व परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डॉ. सुत्ता सिंह व राज्य विज्ञान संस्थान की प्रोफेसर वर्चस्विनी जौहरी को निलंबित किया जा चुका है। दोनों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने का भी आदेश हुआ है। पूर्व रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह ऐरी को पहले ही हटाया जा चुका है।
प्रतिकूल प्रविष्टि व तबादले भी होंगे


समिति आरोपित अफसर व कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि व तबादला करने की भी सिफारिश करेगी। असल में शासन ने समिति को यह भी निर्देश दिया था कि गड़बड़ी जांचने के साथ ही ऐसे सुझाव भी दें, ताकि अगली परीक्षाएं सकुशल हो सके। उसी के तहत लंबे समय से जमे अधिकारी व कर्मचारी को हटाए जाने की संस्तुति किए जाने के संकेत हैं।

ليست هناك تعليقات:

إرسال تعليق

UPTET news