फतेहपुर : बिना पगार के ड्यूटी दे रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बीएसए दफ्तर
में धरना देकर हंगामा खड़ा कर दिया। बीएसए के न होने से बुलाए जाने की
मांग पर अड़ गए।
आरोप लगाया कि अन्य जनपदों में उनकी भर्ती के बाद नियुक्त
हुए शिक्षक-शिक्षिकाओं को पगार दे दी गई है। उनके साथ अन्याय किया जा रहा
है। रुपये न होने के चलते उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
नाराज शिक्षकों को मनाने पहुंचे लेखाधिकारी ने समस्याएं सुनी और निस्तारण
का आश्वासन दिया है।
शिक्षकों का कहना था कि 5 सितंबर को जिले में 1683 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने
ज्वाइनिंग करके सेवाएं दे रहे हैं। शासन के नियमों का पालन करते हुए
पीलीभीत जनपद में दो शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के आधार पर वेतन दे
दिया गया है लेकिन जिले में इस आदेश को नहीं माना जा रहा है। बीएसए
शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहाकि पूर्ण सत्यापन के बाद ही वेतन दिए जाने का
आदेश है। जिसका पालन किया जा रहा है इसमें मनमानी जैसा काम नहीं है।
पांच माह पूर्व नियुक्त शिक्षकों को नहीं मिला वेतन : पांच माह पूर्व
शिक्षक-शिक्षिकाओं को वेतन नहीं मिला है। इस भर्ती में जिले में 208 सीटों
में शिक्षक-शिक्षिकाएं नियुक्त हुए थे। इनको को भी विभाग से वेतन आहरण नही
हो पाया है। बीते दिन शिक्षक-शिक्षिकाओं के एक प्रतिनिधि मंडल ने बीएसए
कार्यालय आकर वेतन दिए जाने की गुहार लगाई थी। पांच माह से वेतन न दिए जाने
से शिक्षक-शिक्षिकाएं परेशान हैं।
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