इलाहाबाद : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट 2019 की परीक्षाओं के
लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति जारी हो गई है। 25 अक्टूबर तक जिला
विद्यालय निरीक्षकों को जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन के लिए परीक्षा
केंद्र वेबसाइट पर अपलोड करने हैं।
वहीं आपत्तियों का निस्तारण करते हुए
अंतिम रूप से 30 नवंबर तक केंद्र तय होंगे। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा
आलोक सिन्हा ने इस संबंध में जारी किया है।1यूपी बोर्ड की परीक्षा इस बार
सात फरवरी से शुरू हो रही हैं। इस बार भी परीक्षा केंद्रों का निर्धारण
मेरिट के हिसाब से होगा। मेरिट में जो स्कूल ऊपर होंगे उन्हें परीक्षा
केंद्र बनाया जाएगा। मेरिट के लिए कई मानक तय हैं। मसलन, इंटरमीडिएट तक के
विद्यालयों को 10 अंक और हाईस्कूल को पांच अंक, मुख्य संपर्क मार्ग से
जुड़ाव होने पर 20, हर कमरे में वायस रिकॉर्डर वाला सीसीटीवी लगा होने पर
40 अंक दिए जाएंगे। वहीं इन सुविधाओं के नहीं होने पर जीरो अंक मिलेगा।
मेरिट में 19 बिंदुओं को शामिल किया गया है।
स्कूलों की सूची अंकों के हिसाब से तय की जाएगी और मेरिट के मुताबिक
केंद्रों का निर्धारण होगा। प्राप्त अंकों के आधार पर पांच व आठ किलोमीटर
की परिधि के तहत विद्यालयों की मेरिट लिस्ट तैयार होगी और इसके बाद परीक्षा
केंद्रों का चयन ऑनलाइन होगा। जिन स्कूलों के अंक समान होंगे, उसमें
हाईस्कूल के परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने पर केंद्र निर्धारण में
वरीयता दी जाएगी। जिन स्कूलों की परीक्षा केंद्र निर्धारण संबंधी मूलभूत
सूचनाएं परिषद की वेबसाइट पर नहीं होंगी, उन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया
जाएगा। 1शहरी और ग्रामीण क्षेत्र दोनों में ही बालिकाओं के स्कूलों को यदि
परीक्षा केंद्र बनाया गया है तो उन्हें उसी स्कूल में केंद्र आवंटित किया
जाएगा। जहां पर केंद्र नहीं बना है। वहां से अधिकतम पांच किलोमीटर के अंदर
केंद्र पर परीक्षा देने की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा शहरी और ग्रामीण
क्षेत्र की संस्थागत बालिकाओं को भी उपलब्ध कराई जाएगी जो लड़कों के
विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। सरकारी, फिर सहायता प्राप्त और इसके बाद भी
बच्चे बचने पर प्राइवेट स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।
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