इलाहाबाद : उप्र न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) यानि पीसीएस जे
2018 की प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने के लिए पंजीकरण और परीक्षा शुल्क
जमा करने की समय सीमा सोमवार रात में खत्म हो गई।
हालांकि उप्र लोकसेवा
आयोग ऑनलाइन आवेदन 11 अक्टूबर तक स्वीकार करेगा। न्यायिक अधिकारियों की
भर्ती के लिए इस बार सर्वाधिक पद होने के बाद भी अनुमान के मुताबिक
अभ्यर्थियों की तादाद काफी कम है।1यूपीपीएससी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन
11 सितंबर से शुरू हुए थे। रिक्त पदों की संख्या इस बार 610 है जिस पर
न्यायिक अधिकारियों का चयन होना है। यह संख्या यूपीपीएससी के इतिहास में
पीसीएस जे परीक्षा के लिहाज से सर्वाधिक है। इससे पहले अधिकतम ढाई सौ तक
रिक्तियां होती रही हैं। सोमवार दोपहर तक करीब 70 हजार लोगों के पंजीकरण हो
चुके थे इनमें 55 हजार लोगों के परीक्षा शुल्क जमा हुए थे। यूपीपीएससी का
अनुमान रहा कि 70 से 75 हजार के बीच कुल अभ्यर्थियों की संख्या रहेगी।
प्रारंभिक परीक्षा 16 दिसंबर को निर्धारित की जा चुकी है। परीक्षा में
अभ्यर्थियों की संख्या कम होने के पीछे चार अवसर की बाध्यता व प्रभावित
अभ्यर्थियों को एक और मौका न मिल पाना प्रमुख वजह माना जा रहा है।
यूपीपीएससी की नियमावली और शासन से कोई अग्रिम आदेश जारी न होने के चलते
परीक्षा संस्था के आगे भी मजबूरी रही।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Advertisement
Breaking News
- SCIENCE QUIZ: शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा हेतु विज्ञान विषय प्रश्नोत्तरी पार्ट-2
- शासन की नवीन पेंशन योजना कर्मचारियों से छीन रही बुढ़ापे का सहारा, 28 अक्टूबर को देश के प्रत्येक सांसद आवास पर रखा जाएगा एक दिन का उपवास
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- विद्यालय प्रबंध समिति सदस्यों (school management committe -smc ) का प्रशिक्षण मॉड्यूल वर्ष training module 2019-20

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें