प्रयागराज : पीसीएस परीक्षा पहली बार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के
पैटर्न पर 28 अक्टूबर को होने जा रही है। इसमें संयुक्त रूप से एसीएफ/आरएफओ
2018 की प्रारंभिक परीक्षा भी कराई जाएगी। लेकिन, उप्र लोक सेवा आयोग ()
ने पैटर्न अधूरा ही अपना कर लाखों अभ्यर्थियों को सांसत में डाल रखा है।
पीसीएस की तैयारी अभ्यर्थियों को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा को एक साथ
ध्यान में रखकर करनी होती है जबकि मुख्य परीक्षा का मॉडल पेपर सार्वजनिक
करने की व्यवस्था लागू नहीं की गई। इससे पहली बार परीक्षा में शामिल हो रहे
अभ्यर्थियों के सामने बड़ी दिक्कत आना तय है। 1यूपीएससी की व्यवस्था के
अनुसार पैटर्न में बदलाव होने पर इसकी सूचना सार्वजनिक करने के साथ ही नए
पाठ्यक्रम का मॉडल पेपर भी जारी किया जाता है। यहां तक विज्ञापन के साथ ही
प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तारीखें भी निर्धारित
कर दी जाती हैं। जिससे परीक्षा देने वालों को तैयारी करने में सहूलियत होती
है। इसके विपरीत की ओर से कराई जा रही पीसीएस / एसीएफ-आरएफओ प्रारंभिक
परीक्षा 2018, की तैयारी अभ्यर्थियों को पारंपरिक तरीके से ही करनी पड़ रही
है। हालांकि मुख्य परीक्षा में विषयों का चयन और साक्षात्कार के लिए अंक
घटाए जाने की नई व्यवस्था से अभ्यर्थियों को पूर्व में ही अवगत कराया जा
चुका है। प्रारंभिक परीक्षा से ऐन पहले बड़ा सवाल उठ रहा है कि मुख्य
परीक्षा में कितने प्रश्न रहेंगे और प्रश्न पत्र कितने खंडों में होगा।
इसके अलावा यह भी तय नहीं नहीं है कि मुख्य परीक्षा कब होगी, साक्षात्कार
कब होंगे। इस मामले में जुलाई 2017 में अभ्यर्थियों की ओर से दिए गए ज्ञापन
का भी ने संज्ञान नहीं लिया। सचिव जगदीश ने कहा कि जो पाठ्यक्रम जारी हो
चुका है उसी के आधार पर मुख्य परीक्षा में प्रश्न पत्र आएगा। जहां तक मॉडल
प्रश्न पत्र का सवाल है तो जो संसाधन यूपीएससी के पास हैं उतने में नहीं
हैं। एक्सपर्ट की भी कमी है जिसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
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