जैसा कि टीईटी -2018 में 22 से अधिक प्रश्नों पर आपत्ति है, विवादित 10 प्रश्न ऐसे है, जिन्हें सबको कामन अंक/ सही विकल्प के अनुसार अंक देना ही होगा, वैसे जानकार लोग कयास लगा रहे हैं
कि अधिक अंक देने के बजाय पीएनपी सभी विवादास्पद प्रश्नों को हटा करके निर्विवाद प्रश्न का मूल्यांकन करके परिणाम निकाल सकता है, इसके पीछे टीईटी -2017 के लखनऊ खण्ड पीठ के सिंगल बेंच के जज श्री राजेश सिंह चौहान जी के आदेश का आधार बनाया जा सकता है,जिससे की टीईटी -2018 का विवाद कोर्ट की दहलीज़ तक न पहुंच सकें और अगली प्रक्रिया निर्विवाद रुप से सम्पन्न हो सके!

कि अधिक अंक देने के बजाय पीएनपी सभी विवादास्पद प्रश्नों को हटा करके निर्विवाद प्रश्न का मूल्यांकन करके परिणाम निकाल सकता है, इसके पीछे टीईटी -2017 के लखनऊ खण्ड पीठ के सिंगल बेंच के जज श्री राजेश सिंह चौहान जी के आदेश का आधार बनाया जा सकता है,जिससे की टीईटी -2018 का विवाद कोर्ट की दहलीज़ तक न पहुंच सकें और अगली प्रक्रिया निर्विवाद रुप से सम्पन्न हो सके!

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