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वर्ष 2010 के बाद से नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए बुरी खबर, बेसिक शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2010 के बाद से तैनात हुए हजारों शिक्षक एसटीएफ की जांच के दायरे में आ गए हैं। हाल ही में मथुरा में फर्जी शिक्षकों की तैनाती का खुलासा होने के बाद से यूपी सरकार सख्त नजर आ रही है। STF फर्जी शिक्षकों की जांच में लगी है।
इस जांच के दायरे में खीरी जिले में तैनात शिक्षक भी आ गए हैं।
आपको बता दें कि एसटीएफ के पुलिस महानिदेशक ने ऐसे शिक्षकों का ब्योरा तलब किया है, जो डुप्लीकेट मार्कशीट के सहारे तैनाती पाए हैं। वहीं जिन शिक्षकों ने अपने पैन नंबर बदल दिए हैं, उनका भी विवरण एसटीएफ ने मांगा है।
आपको बता दें कि लगातार आ रही फर्जीवाड़े की शिकायतें आपको बता दें कि मथुरा में 12,460 शिक्षक भर्ती में एसटीएफ की जांच टीम के फर्जी नियुक्तियों के खुलासे के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े की शिकायत लगातार आती रही हैं। शिक्षा निदेशक बेसिक ने पूरे प्रदेश में हुई नियुक्तियों की जांच का फैसला ले लिया और प्राइमरी स्कूलों में हुई शिक्षक भर्ती की जांच पूरे प्रदेश में शुरू की गई है। साल 2010 से अब तक हुई सभी भर्तियां जांच के दायरे आ रहीं है और यह जांच एसटीएफ कर रही है।
पुलिस महानिदेशक एसटीएफ ने इसके लिए सभी जिलों में शिक्षकों के दस्तावेजो को तलब किए हैं।सभी बीईओ से ब्योरा किया तलब वहीं बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने सभी बीईओ को तीन दिन के भीतर ऐसे शिक्षकों का ब्योरा मांगा है, जिन्होंने डुप्लीकेट प्रमाण पत्र लगाए और पैन नंबर भी बदल दिया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्ध प्रिय सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर 2010 के बाद जिले में तैनात हुए शिक्षकों के अभिलेखों की जांच कराई जा रही है। सभी बीईओ को इसके लिए पत्र लिखकर तीन दिन के भीतर डुप्लीकेट प्रमाण पत्र लगाने वाले और पैन नंबर बदलने वाले शिक्षकों के अभिलेखों की जांच कराई जा रही है। जल्द ही ब्योरा शिक्षा निदेशक को उपलब्ध करा दिया जाएगा।


आपको बता दें कि 16 शिक्षकों ने बदले पैन नंबर एसटीएफ ने ऐसे शिक्षकों का भी ब्योरा मांगा था। जिन्होंने अपने पैन नंबर बदल दिया। खीरी जिले में फिलहाल 16 ऐसे शिक्षक वित्त एवं लेखाधिकारी ने चिन्हित किएं है, जिन्होंने अपने पैन नंबर बदल दिए थे। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने इन सभी के प्रमाण पत्रों की जांच शुरू कर दी है। इतना ही नहीं इस बात की भी जांच कराई जा रही है कि इन शिक्षकों ने अपने पैन नंबर क्यों बदले।

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