राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : प्राथमिक स्कूलों में छात्र-छात्रओं को पढ़ाने के साथ ही उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से आरोग्य रखने की पहल भी हुई है। प्रदेश भर के जिला शिक्षा व प्रशिक्षण यानी डायट व बीआरसी केंद्रों को योग व ध्यान केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
इसके लिए शिक्षकों को योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नए शैक्षिक सत्र से इसका असर विद्यालयों में दिखेगा।
योगी सरकार का निर्देश है कि स्कूलों में बच्चों की बेहतर पढ़ाई के साथ ही उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से भी सबल बनाया जाए। राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद यानी एससीईआरटी ने सभी डायट व बीआरसी केंद्रों को ध्यान व योग केंद्र में तब्दील करने की योजना बनाई है। योग का प्रशिक्षण पाने वाले शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी कि कक्षा शिक्षण में योग को जोड़ें। बच्चों को स्वास्थ्य व स्वच्छता की ओर प्रेरित करने व संवेदनशील बनाने के लिए राज्य पोषण मिशन की संस्तुति के आधार पर स्वास्थ्य व स्वच्छता मॉड्यूल को अपडेट करके संदर्भदाताओं को प्रशिक्षित किया है, अब वे प्रशिक्षण देंगे। एससीईआरटी के निदेशक संजय सिन्हा ने बताया कि सामाजिक विषय में तर्कशक्ति का विकास करने व समसामयिक विषयों पर सोचने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इसके लिए शिक्षकों को योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नए शैक्षिक सत्र से इसका असर विद्यालयों में दिखेगा।
योगी सरकार का निर्देश है कि स्कूलों में बच्चों की बेहतर पढ़ाई के साथ ही उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से भी सबल बनाया जाए। राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद यानी एससीईआरटी ने सभी डायट व बीआरसी केंद्रों को ध्यान व योग केंद्र में तब्दील करने की योजना बनाई है। योग का प्रशिक्षण पाने वाले शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी कि कक्षा शिक्षण में योग को जोड़ें। बच्चों को स्वास्थ्य व स्वच्छता की ओर प्रेरित करने व संवेदनशील बनाने के लिए राज्य पोषण मिशन की संस्तुति के आधार पर स्वास्थ्य व स्वच्छता मॉड्यूल को अपडेट करके संदर्भदाताओं को प्रशिक्षित किया है, अब वे प्रशिक्षण देंगे। एससीईआरटी के निदेशक संजय सिन्हा ने बताया कि सामाजिक विषय में तर्कशक्ति का विकास करने व समसामयिक विषयों पर सोचने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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