एनबीटी ब्यूरो, प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 69,000 सहायक अध्यापक
भर्ती में सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए तय कट ऑफ में बदलाव के 7
जनवरी 2019 के शासनादेश पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने राज्य सरकार व सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
यह आदेश जस्टिस सी डी सिंह की खंडपीठ ने मनोरमा मौर्या की याचिका पर दिया। याची का कहना है कि पहले सामान्य व पिछड़े वर्ग का कट ऑफ 33 व एससी/एसटी का 30 फीसदी अंक रखा गया। 7 जनवरी को इसे सामान्य वर्ग के लिए 65 व आरक्षित श्रेणी के लिए 60 फीसदी अंक कर दिया गया।
लखनऊ : इसी भर्ती को लेकर हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में भी गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव रखा कि कुल पदों के डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को शॉर्ट लिस्ट करने पर विचार किया जा सकता है। कोर्ट का कहना था कि यदि सरकार और याचिकाकर्ता बीच का कोई रास्ता निकाल लें तो अच्छा होगा वरना कोर्ट फैसला सुनाएगा। हालांकि याचिकाकर्ताओं ने सरकार का यह मौखिक प्रस्ताव नकार दिया। सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी।
सरकार का प्रस्ताव अस्वीकार
कोर्ट ने राज्य सरकार व सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
यह आदेश जस्टिस सी डी सिंह की खंडपीठ ने मनोरमा मौर्या की याचिका पर दिया। याची का कहना है कि पहले सामान्य व पिछड़े वर्ग का कट ऑफ 33 व एससी/एसटी का 30 फीसदी अंक रखा गया। 7 जनवरी को इसे सामान्य वर्ग के लिए 65 व आरक्षित श्रेणी के लिए 60 फीसदी अंक कर दिया गया।
लखनऊ : इसी भर्ती को लेकर हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में भी गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव रखा कि कुल पदों के डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को शॉर्ट लिस्ट करने पर विचार किया जा सकता है। कोर्ट का कहना था कि यदि सरकार और याचिकाकर्ता बीच का कोई रास्ता निकाल लें तो अच्छा होगा वरना कोर्ट फैसला सुनाएगा। हालांकि याचिकाकर्ताओं ने सरकार का यह मौखिक प्रस्ताव नकार दिया। सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी।
सरकार का प्रस्ताव अस्वीकार

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