*UPTET-2017 का आर्डर जारी:11 FEB. 19*
मा0 सुप्रीम कोर्ट के 26.10.18 के जजमेंट के अनुपालन में सरकार को दोबारा नए सिरे से UPTET-2017 मामले की सुनवाई करवाकर निस्तारण कराना होगा।
मा0 सुप्रीम कोर्ट ने ये भी निर्देशित किया था कि *जितनी भी भर्तियां UPTET-2017 को आधार बनाकर होंगी,वो सभी भर्तियां इस याचिका के अंतिम परिणाम पर निर्भर करेगी।*
हालांकि अभी तक सरकार ने UPTET-2017 मामले के निपटारे के लिए कोई भी कार्ययोजना तैयार नही की। जब तक सिंगल बेंच में योजित 316 याचिकाओं को पार्टी नही बनाया जाता तब तक सुनवाई व बहस नही हो सकती।
एक कदम आगे बढ़कर सरकार ने शॉर्टकट अपनाते हुए इस स्पेशल अपील में एक एप्लिकेशन फ़ाइल की थी,उसी के बिहाफ पर 11 फरवरी 19 को मामला लखनऊ पीठ में कोर्ट न0-1 में सुना गया। कोर्ट ने मामला सुनते हुए आदेश पारित किया कि *सरकार की तरफ से फ़ाइल की गई एप्लिकेशन स्वीकार की गई। सरकार सभी आवश्यक लीगल कार्य इस अपील में पूरा करे।*
जब तक सरकार सभी लीगल फॉर्मलटीस पूरी नही करती तब तक इसमे बहस की गुंजाइश नही बनती।
यदि सरकार को निर्विघ्न भर्ती करनी है तो इस मामले का त्वरित निस्तारण करवाये अन्यथा हम तो तैयार बैठे ही हैं भर्ती लटकाने को।
*अब कोई भी भर्ती तब तक नही होगी जब तक UPTET-2017 मामले का निपटारा नही हो जाता ठीक वैसे ही जैसे 06 जनवरी को लिखित परीक्षा UPTET-2017 के याचीयों को सम्मिलित करके हुई थी।*
इस UPTET-17 की लड़ाई का अब सरकार के पास कोई शॉर्टकट नहीं। यदि शॉर्टकट हुआ तो हम फिर दिल्ली उड़ान भरने को टिकट खिड़की पर तैयार बैठे हैं। जो इस गफलत में है कि UPTET-2017 के मामले को लटकाकर भर्ती करवा लेंगे तो वो ये जान लें कि ये सीधे सीधे सर्वोच्च न्यायालय की वृहद पीठ (03 जजेस बेंच) की गंभीर अवमानना होगी। सर्वोच्च न्यायालय क्या दशा करेगा ये तो अल्लाह ही जाने।
*★हारा वही जो लड़ा नहीं।।*
®टीम रिज़वान अंसारी।।
(टेट सेवा समिति-उ0प्र0)
मा0 सुप्रीम कोर्ट के 26.10.18 के जजमेंट के अनुपालन में सरकार को दोबारा नए सिरे से UPTET-2017 मामले की सुनवाई करवाकर निस्तारण कराना होगा।
मा0 सुप्रीम कोर्ट ने ये भी निर्देशित किया था कि *जितनी भी भर्तियां UPTET-2017 को आधार बनाकर होंगी,वो सभी भर्तियां इस याचिका के अंतिम परिणाम पर निर्भर करेगी।*
हालांकि अभी तक सरकार ने UPTET-2017 मामले के निपटारे के लिए कोई भी कार्ययोजना तैयार नही की। जब तक सिंगल बेंच में योजित 316 याचिकाओं को पार्टी नही बनाया जाता तब तक सुनवाई व बहस नही हो सकती।
एक कदम आगे बढ़कर सरकार ने शॉर्टकट अपनाते हुए इस स्पेशल अपील में एक एप्लिकेशन फ़ाइल की थी,उसी के बिहाफ पर 11 फरवरी 19 को मामला लखनऊ पीठ में कोर्ट न0-1 में सुना गया। कोर्ट ने मामला सुनते हुए आदेश पारित किया कि *सरकार की तरफ से फ़ाइल की गई एप्लिकेशन स्वीकार की गई। सरकार सभी आवश्यक लीगल कार्य इस अपील में पूरा करे।*
जब तक सरकार सभी लीगल फॉर्मलटीस पूरी नही करती तब तक इसमे बहस की गुंजाइश नही बनती।
यदि सरकार को निर्विघ्न भर्ती करनी है तो इस मामले का त्वरित निस्तारण करवाये अन्यथा हम तो तैयार बैठे ही हैं भर्ती लटकाने को।
*अब कोई भी भर्ती तब तक नही होगी जब तक UPTET-2017 मामले का निपटारा नही हो जाता ठीक वैसे ही जैसे 06 जनवरी को लिखित परीक्षा UPTET-2017 के याचीयों को सम्मिलित करके हुई थी।*
इस UPTET-17 की लड़ाई का अब सरकार के पास कोई शॉर्टकट नहीं। यदि शॉर्टकट हुआ तो हम फिर दिल्ली उड़ान भरने को टिकट खिड़की पर तैयार बैठे हैं। जो इस गफलत में है कि UPTET-2017 के मामले को लटकाकर भर्ती करवा लेंगे तो वो ये जान लें कि ये सीधे सीधे सर्वोच्च न्यायालय की वृहद पीठ (03 जजेस बेंच) की गंभीर अवमानना होगी। सर्वोच्च न्यायालय क्या दशा करेगा ये तो अल्लाह ही जाने।
*★हारा वही जो लड़ा नहीं।।*
®टीम रिज़वान अंसारी।।
(टेट सेवा समिति-उ0प्र0)
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