लखनऊ। प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में भर्ती और शिक्षण संस्थाओं
में प्रवेश के लिए 10 फीसदी आरक्षण का लाभ देने के लिए गरीब सवर्णों को आय
एवं परिसंपत्ति प्रमाण जारी करने के लिए अफसरों को निर्देश दिए हैं। इस
संबंध में अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक मुकुल सिंहल ने सभी अपर
मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और
डीएम को अवगत करा दिया है।
श्री सिंहल ने कहा है कि शासन के संज्ञान में आया है कि गरीब सवर्णों को आय एवं परिसंपत्ति प्रमाण जारी नहीं किए जा रहे हैं। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि आठ लाख रुपये से कम आय वाले गरीब सवर्ण परिवारों को सरकारी नौकरियों में भर्ती और शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश के लिए तहसीलदार स्तर तक के अधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाए। इसके लिए शासन स्तर से दो प्रोफार्मा भी जारी करके अफसरों को भेजे गए हैं। पहला प्रोफार्मा डीएम, एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम या तहसीलदार द्वारा जारी प्रमाण पत्र का है। जबकि दूसरा प्रमाण पत्र लाभार्थी को स्वयं घोषणा पत्र के रूप में देना होगा। प्रमाण पत्र में यह दिखाना होगा कि संबंधित व्यक्ति के परिवार की आठ लाख रुपये से कम वार्षिक आय है। पांच एकड़ या उससे ज्यादा खेती नहीं है। एक हजार वर्ग फुट या उससे ज्यादा क्षेत्र में फ्लैट नहीं है। शहरी क्षेत्र में 100 वर्ग गज से ज्यादा का आवासीय भूखंड नहीं है। संबंधित गरीब व्यक्ति की जाति जो एससी, एसटी या ओबीसी में नहीं आती है।
श्री सिंहल ने कहा है कि शासन के संज्ञान में आया है कि गरीब सवर्णों को आय एवं परिसंपत्ति प्रमाण जारी नहीं किए जा रहे हैं। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि आठ लाख रुपये से कम आय वाले गरीब सवर्ण परिवारों को सरकारी नौकरियों में भर्ती और शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश के लिए तहसीलदार स्तर तक के अधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाए। इसके लिए शासन स्तर से दो प्रोफार्मा भी जारी करके अफसरों को भेजे गए हैं। पहला प्रोफार्मा डीएम, एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम या तहसीलदार द्वारा जारी प्रमाण पत्र का है। जबकि दूसरा प्रमाण पत्र लाभार्थी को स्वयं घोषणा पत्र के रूप में देना होगा। प्रमाण पत्र में यह दिखाना होगा कि संबंधित व्यक्ति के परिवार की आठ लाख रुपये से कम वार्षिक आय है। पांच एकड़ या उससे ज्यादा खेती नहीं है। एक हजार वर्ग फुट या उससे ज्यादा क्षेत्र में फ्लैट नहीं है। शहरी क्षेत्र में 100 वर्ग गज से ज्यादा का आवासीय भूखंड नहीं है। संबंधित गरीब व्यक्ति की जाति जो एससी, एसटी या ओबीसी में नहीं आती है।
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