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उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की हाजिरी हेतु लॉन्च 'प्रेरणा एप' व्यवस्था पहले ही दिन हुई धड़ाम, न लगी शिक्षकों की हाजिरी और न ली गई सेल्फी

योगी सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति के लिए प्रेरणा एप लांच कर दिया। प्रेरणा एप से उपस्थिति लगाने के आदेश भी जारी कर दिए गए थे, लेकिन अधिकांश बेसिक विद्यालयों के टीचर्स ने पहले दिन प्रेरणा एप को न तो मोबाइल मे डाउनलोड किया और न ही उससे सेल्फी से उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रेरणा एप को लेकर अमर उजाला टीम ने जनपद के प्राथमिक विद्यालयों की पड़ताल की तो किसी भी विद्यालय में प्रेरणा एप से शिक्षकों ने न तो हाजिरी लगाई और न ही सेल्फी ली गई।


डाउनलोड नहीं हुआ प्रेरणा एप
शामली में एक स्कूल के प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार ने प्रेरणा एप के बारे में बताया कि उन्होंने किसी ने अभी तक मोबाइल में यह एप लोड नहीं किया है। उनका कहना था कि शासन की जो भी नीति नियम होंगे, उनका पालन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि उनके मोबाइल में पहले से ही दीक्षा एप, प्रथम एप, विभागीय ग्रुप समेत कई चीजें हैं। अब प्रेरणा एप डाउनलोड करने से उनके मोबाइल में इतना डाटा सेव नहीं हो पाएगा। इसके अलावा एक साथ सभी बच्चों की सेल्फी लेना आसान नहीं होगा। इस एप में जो व्यवहारिक परेशानियां है, उसे दूर किया जाना चाहिए।

शिक्षक बोले बनाया जाए व्यवहारिक
विद्यालय में इंचार्ज आरजू आर्य और अन्य स्टाफ बच्चों को प्रार्थना सभा के बाद पीटी करा रहा था। प्रेरणा एप के बारे में प्रधानाध्यापिका और अन्य अध्यापिकाओं ने बताया कि इस एप के माध्यम से हाजिरी लगाने समेत मिड डे मील, बच्चों की उपस्थिति समेत कम से कम चार बार सेल्फी लेकर भेजनी होगी।

इस एप को डाउन लोड करने पर उनका पर्सनल डाटा भी सेफ नहीं रहेगा। ऐसी स्थिति में वे बच्चों को संभालेंगी या सेल्फी भेजेंगी। पहले दिन उन्होंने प्रेरणा एप को मोबाइल में न अपलोड किया और न ही हाजिरी भेजी है। उन्होंने प्रेरणा एप को लागू करने से पहले इसके प्रयोग में आने वाली दिक्कतों को दूर कर व्यवहारिक बनाया जाना चाहिए।

इंटरनेट दे रहा धोखा
सरकार के आदेश के बाद क्षेत्र के सरकारी अध्यापकों ने प्रेरणा ऐप के जरिए हाजिरी तो लगानी शुरू कर दी, लेकिन ऐप में सामने आ रही कई तकनीकी खामियों के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्राथमिक विद्यालय नंबर एक के प्रधानाचार्य जुल्फिकार अली त्यागी ने बताया कि उन्होंने ऐप के जरिए सुबह आठ बजे स्कूल पहुंचकर हाजिरी लगाई। बताया कि पहले तो ऐप ने लॉगिन होने में बीस मिनट ली, लेकिन सर्वर ठप होने की वजह से बच्चों के फोटो आदि अपलोड नहीं हो पा रहे थे।

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