Important Posts

Advertisement

Govt Jobs : Opening

यूपी टीजीटी-पीजीटी भर्ती: विवादों में फंसकर रह गया 67 हजार युवाओं का भविष्य

उत्तर प्रदेश के 67 हजार से अधिक युवाओं का भविष्य विवाद में फंसकर रह गया है। टीजीटी जीव विज्ञान के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी पिछले सवा साल से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, यूपी बोर्ड और हाईकोर्ट का चक्कर काट रहे हैं।

चयन बोर्ड ने 12 जुलाई 2018 को टीजीटी-पीजीटी 2016 में विज्ञापित हाईस्कूल स्तर पर जीव विज्ञान, काष्ठ शिल्प, पुस्तक कला, टंकण और आशुलिपि टंकण विषय समाप्त कर दिया था। इंटर में वनस्पति विज्ञान जबकि हाईस्कूल तथा इंटर स्तर पर संगीत विषय को समाप्त किया था।
टीजीटी जीव विज्ञान के 304 पदों के लिए 67005 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। पद समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों ने आपत्ति की तो सरकार ने सचिव यूपी बोर्ड की अध्यक्षता में विषय निर्धारण के लिए समिति का गठन कर दिया।

समिति ने अगस्त 2018 में ही अपनी रिपोर्ट एवं संस्तुति शासन को भेज दी थी लेकिन आज तक शासन स्तर पर कोई निर्णय नहीं हो सका है। चयन बोर्ड ने 15 अगस्त से 16 सितंबर 2018 तक विज्ञान वर्ग में अभ्यर्थियों से दोबारा आवेदन भी लिए थे। लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रश्नपत्र में सिर्फ भौतिक और रसायन विज्ञान के प्रश्न थे और जीव विज्ञान से जुड़ा एक भी सवाल नहीं था। इस मामले में अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं भी की जो विचाराधीन है। इस बीच पिछले महीने 25 अक्तूबर को चयन बोर्ड ने टीजीटी विज्ञान का परिणाम घोषित कर दिया।
इसी के साथ सवा साल से संघर्ष कर रहे अभ्यर्थियों की उम्मीद टूट गई है। टीजीटी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष जितेन्द्र यादव ने चयन बोर्ड से मांग की है कि टीजीटी जीव विज्ञान की परीक्षा अलग से कराएं। 

ليست هناك تعليقات:

إرسال تعليق

UPTET news