UPTET 2019: उत्तर प्रदेश में 22 दिसंबर को होने जा रही शिक्षक पात्रता परीक्षा ( यूपी टीईटी 2019 ) में सफेदा (करेक्टिव फ्लूड या व्हाइटनर) लगाया तो आंसर-शीट के रूप में मिली ओएमआर शीट नहीं जांची जाएगी। यानी व्हाइटनर लगाने की एक गलती अभ्यर्थी की पूरी मेहनत पर पानी फेर देगी।
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से जारी निर्देश पर लिखा है कि ओएमआर शीट पर अशुद्ध लिखने के बाद व्हाइटनर का इस्तेमाल कभी न करें। ऐसा होने पर ओएमआर शीट निरस्त की जाएगी।
यही नहीं यदि कोई परीक्षार्थी सादी ओएमआर शीट जमा करता है तो कक्ष निरीक्षक उस पर अभ्यर्थी से क्रॉस कराएंगे। क्योंकि उसका मूल्यांकन नहीं होगा। उत्तर पत्रक (ओएमआर शीट) पर दिए स्थान पर पेन से हल किए गए प्रश्नों की संख्या शब्दों एवं अंकों में लिखना जरूरी है। प्रश्न पुस्तिका और उत्तर पत्रक की कार्बन कॉपी की एक कॉपी अभ्यर्थी परीक्षा के बाद अपने साथ ले जा सकेंगे।
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से जारी निर्देश पर लिखा है कि ओएमआर शीट पर अशुद्ध लिखने के बाद व्हाइटनर का इस्तेमाल कभी न करें। ऐसा होने पर ओएमआर शीट निरस्त की जाएगी।
यही नहीं यदि कोई परीक्षार्थी सादी ओएमआर शीट जमा करता है तो कक्ष निरीक्षक उस पर अभ्यर्थी से क्रॉस कराएंगे। क्योंकि उसका मूल्यांकन नहीं होगा। उत्तर पत्रक (ओएमआर शीट) पर दिए स्थान पर पेन से हल किए गए प्रश्नों की संख्या शब्दों एवं अंकों में लिखना जरूरी है। प्रश्न पुस्तिका और उत्तर पत्रक की कार्बन कॉपी की एक कॉपी अभ्यर्थी परीक्षा के बाद अपने साथ ले जा सकेंगे।
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