हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम आदेश देते हुए प्रदेश के प्राथमिक
स्कूलों में 69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में राज्य सरकार समेत
अन्य अभ्यर्थियो की विशेष अपीलों पर फाइनल सुनवाई के दौरान पक्षकारों के
वकीलों को अपनी लिखित बहस 23 जनवरी तक दाखिल करने के निर्देश दिये हैं ।
उल्लेखनीय है कि विशेष अपीलों में एकल पीठ के 30 मार्च 2019 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें कोर्ट ने सरकार के 7 जनवरी 2019 के शासनादेश को रद्द कर दिया था। इस मामले पर चल रही बहस में सरकार और बीएड उम्मीदवारों की ओर से बहस पूरी हो चुकी है और अब अगली सुनवाई में शिक्षामित्र अभ्यर्थियों की ओर से अपना पक्ष व दलीलें पेश की जाएंगी।
आपको बता दें कि बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए जनवरी में परीक्षा कराई गई थी। परीक्षा के बाद सरकार ने भर्ती का कटऑफ सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के लिए 65 प्रतिशत व आरक्षित वर्ग के लिए 60 प्रतिशत की अनिवार्यता के साथ तय कर दिया।
इस आदेश को लेकर अभ्यार्थियों ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं ने मांग कि की सरकारी नियमों के हिसाब से भर्ती के लिए डाली गई याचिका पर सुनवाई हो और महाधिवक्ता हर सुनवाई में मौजूद रहें।
उल्लेखनीय है कि विशेष अपीलों में एकल पीठ के 30 मार्च 2019 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें कोर्ट ने सरकार के 7 जनवरी 2019 के शासनादेश को रद्द कर दिया था। इस मामले पर चल रही बहस में सरकार और बीएड उम्मीदवारों की ओर से बहस पूरी हो चुकी है और अब अगली सुनवाई में शिक्षामित्र अभ्यर्थियों की ओर से अपना पक्ष व दलीलें पेश की जाएंगी।
आपको बता दें कि बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए जनवरी में परीक्षा कराई गई थी। परीक्षा के बाद सरकार ने भर्ती का कटऑफ सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के लिए 65 प्रतिशत व आरक्षित वर्ग के लिए 60 प्रतिशत की अनिवार्यता के साथ तय कर दिया।
इस आदेश को लेकर अभ्यार्थियों ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं ने मांग कि की सरकारी नियमों के हिसाब से भर्ती के लिए डाली गई याचिका पर सुनवाई हो और महाधिवक्ता हर सुनवाई में मौजूद रहें।
ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق