लखनऊ. उत्तर प्रदेश के (Uttar Pradesh) प्राथमिक स्कूलों
(Primary Schools) में 69000 शिक्षकों के (69000 Assistant Teachers
Recruitment Result) लिए हुई भर्ती परीक्षा का परिणाम मंगलवार को घोषित कर
दिया गया. लिखित परीक्षा में शामिल हुए चार लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों में
से 1 लाख 46 हजार 60 छात्र उत्तीर्ण घोषित हुए हैं. लेकिन इस परीक्षा में
सबसे बड़ा झटका शिक्षामित्रों को लगा है.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द होने के बाद हुई दूसरी बड़ी भर्ती प्रक्रिया में महज 8018 शिक्षामित्र उत्तीर्ण घोषित हुए हैं. बता दें 45357 शिक्षामित्रों ने लिखित परीक्षा दी थी. हालांकि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. हाईकोर्ट ने योगी सरकार के 65-60 के कट ऑफ मार्क्स को सही करार देते हुए नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है. जबकि शिक्षामित्रों की मांग है कि 45-40 फ़ीसदी कट ऑफ के हिसाब से नियुक्ति की जाए. यानी सामान्य वर्ग के लिए 65 फ़ीसदी अंक पाने वाले उत्तीर्ण माने जाएंगे, जबकि आरक्षित वर्ग वाले अभ्यर्थी को 60 फ़ीसदी अंक लाना होगा.
1 लाख 46 हज़ार 60 अभ्यर्थी जो उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं, उनमें बीएड के 262231 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे. अब 97368 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए हैं, इसके अलावा, बीएलएड के 500 अभ्यर्थी में से 110 हुए, उर्दू बीटीसी के 339 अभ्यर्थी में से 70, स्पेशल बीटीसी के 1878 में से 301, डीएड स्पेशल एडुकेशन के 2193 में 549, डीएड एनसीटी के 5943 में से 1034 और 45357 शिक्षामित्र अभ्यर्थियों में से 8018 उत्तीर्ण घोषित हुए.
हाईकोर्ट के फैसले के बाद शुरू हुई नियुक्ति प्रक्रिया
बता दें कि गत बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 69 हजार शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ़ करते हुए सरकार को 65-60 फ़ीसदी कटऑफ मार्क्स के अनुसार ही रिजल्ट घोषित करने का आदेश दिया था. साथ ही यह भी निर्देश दिया था कि तीन महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाए. आदेश के मुताबिक सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 150 में 65 फीसदी और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 60 फीसदी अंक लाने होंगे. इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया था कि कोर्ट के निर्णय के बाद एक सप्ताह के भीतर 69000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया सुनिश्चित कराई जाए. जिसके बाद लिखित परीक्षा की अंतिम उत्तरमाला (आंसर की) भी शनिवार को जारी कर दी गई थी.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द होने के बाद हुई दूसरी बड़ी भर्ती प्रक्रिया में महज 8018 शिक्षामित्र उत्तीर्ण घोषित हुए हैं. बता दें 45357 शिक्षामित्रों ने लिखित परीक्षा दी थी. हालांकि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. हाईकोर्ट ने योगी सरकार के 65-60 के कट ऑफ मार्क्स को सही करार देते हुए नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है. जबकि शिक्षामित्रों की मांग है कि 45-40 फ़ीसदी कट ऑफ के हिसाब से नियुक्ति की जाए. यानी सामान्य वर्ग के लिए 65 फ़ीसदी अंक पाने वाले उत्तीर्ण माने जाएंगे, जबकि आरक्षित वर्ग वाले अभ्यर्थी को 60 फ़ीसदी अंक लाना होगा.
1 लाख 46 हज़ार 60 अभ्यर्थी जो उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं, उनमें बीएड के 262231 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे. अब 97368 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए हैं, इसके अलावा, बीएलएड के 500 अभ्यर्थी में से 110 हुए, उर्दू बीटीसी के 339 अभ्यर्थी में से 70, स्पेशल बीटीसी के 1878 में से 301, डीएड स्पेशल एडुकेशन के 2193 में 549, डीएड एनसीटी के 5943 में से 1034 और 45357 शिक्षामित्र अभ्यर्थियों में से 8018 उत्तीर्ण घोषित हुए.
हाईकोर्ट के फैसले के बाद शुरू हुई नियुक्ति प्रक्रिया
बता दें कि गत बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 69 हजार शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ़ करते हुए सरकार को 65-60 फ़ीसदी कटऑफ मार्क्स के अनुसार ही रिजल्ट घोषित करने का आदेश दिया था. साथ ही यह भी निर्देश दिया था कि तीन महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाए. आदेश के मुताबिक सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 150 में 65 फीसदी और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 60 फीसदी अंक लाने होंगे. इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया था कि कोर्ट के निर्णय के बाद एक सप्ताह के भीतर 69000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया सुनिश्चित कराई जाए. जिसके बाद लिखित परीक्षा की अंतिम उत्तरमाला (आंसर की) भी शनिवार को जारी कर दी गई थी.
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