69000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का परिणाम होने के साथ ही दर्जनों अभ्यर्थियों ने टीईटी का प्रमाणपत्र देने के लिए मंगलवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पर हंगामा किया। इनमें कई अभ्यर्थी अमेठी, रायबरेली, जौनपुर, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ आदि जिलों से थे।
अमेठी के सर्वेन्द्र कुमार मौर्य, प्रतापगढ़ के रितुन्जय सिंह, रायबरेली के बीके पाल और जौनपुर के सुभाष चन्द्र का कहना है कि शुक्रवार को डायट आए थे तो कहा गया प्रमाणपत्र अगले सप्ताह मिलेगा। इसलिए आए थे लेकिन डायट बंद है।
टीईटी का परिणाम 6 फरवरी 2019 को घोषित किया गया था। उसके बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने प्रमाणपत्रों को छपवाकर वितरण के लिए डायटों में भेजा। प्रयागराज डायट में 15-16 हजार अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र पड़े हैं। डायट प्राचार्य संतोष मिश्र ने बताया कि 19 जून 2019 से सफल अभ्यर्थियों से कहा जा रहा है रिजल्ट ले जाएं लेकिन कोई नहीं आया। आज अचानक प्रमाणपत्र लेने पहुंच गए। उन्होंने बताया कि अब लॉकडाउन समाप्त होने के बाद प्रमाणपत्र वितरण होगा। प्रमाणपत्र लेने के लिए अभ्यर्थियों को अपने साथ प्रवेश पत्र, एक फोटो, पहचान पत्र, हाईस्कूल से स्नातक/परास्नातक तथा प्रशिक्षण बीएड/बीटीसी आदि की मूल कॉपी एवं उसकी छायाप्रति के साथ अभ्यर्थियों को उपस्थित होना अनिवार्य है।
अमेठी के सर्वेन्द्र कुमार मौर्य, प्रतापगढ़ के रितुन्जय सिंह, रायबरेली के बीके पाल और जौनपुर के सुभाष चन्द्र का कहना है कि शुक्रवार को डायट आए थे तो कहा गया प्रमाणपत्र अगले सप्ताह मिलेगा। इसलिए आए थे लेकिन डायट बंद है।

टीईटी का परिणाम 6 फरवरी 2019 को घोषित किया गया था। उसके बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने प्रमाणपत्रों को छपवाकर वितरण के लिए डायटों में भेजा। प्रयागराज डायट में 15-16 हजार अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र पड़े हैं। डायट प्राचार्य संतोष मिश्र ने बताया कि 19 जून 2019 से सफल अभ्यर्थियों से कहा जा रहा है रिजल्ट ले जाएं लेकिन कोई नहीं आया। आज अचानक प्रमाणपत्र लेने पहुंच गए। उन्होंने बताया कि अब लॉकडाउन समाप्त होने के बाद प्रमाणपत्र वितरण होगा। प्रमाणपत्र लेने के लिए अभ्यर्थियों को अपने साथ प्रवेश पत्र, एक फोटो, पहचान पत्र, हाईस्कूल से स्नातक/परास्नातक तथा प्रशिक्षण बीएड/बीटीसी आदि की मूल कॉपी एवं उसकी छायाप्रति के साथ अभ्यर्थियों को उपस्थित होना अनिवार्य है।
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