नवंबर 2016 में हाईकोर्ट ने सभी रिक्त पद भरने का आदेश दिया। जिसके बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने 30 दिसंबर 2016 को सभी रिक्त पद भरने के लिए सर्कुलर जारी किया।
लेकिन जनवरी 2017 में आदर्श आचार
संहिता के प्रभाव से नियुक्ति प्रक्रिया बाधित हो गई। आचार संहिता समाप्त होने के बाद प्रक्रिया फिर शुरू की गई लेकिन सरकार ने 23 मार्च 2017 को सभी भर्ती प्रक्रियाओं को समीक्षा के नाम पर रोक दिया। प्रभावित अभ्यर्थियों ने इस रोक के खिलाफ याचिका की जिस पर हाईकोर्ट ने 3 नवंबर 2017 को दो महीने में भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण करने का आदेश दिया। इस आदेश के खिलाफ सरकार ने स्पेशल अपील दाखिल की जिसे डबल बेंच ने 12 अप्रैल 2018 को खारिज करते हुए दो माह में भर्ती पूरी करने का आदेश दिया। इन आदेशों का अनुपालन न होने पर अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की। इसके बाद विभिन्न आदेशों के खिलाफ सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की लेकिन वह भी 25 मार्च 2019 को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। फिर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की और तबसे मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है।
लेकिन जनवरी 2017 में आदर्श आचार

ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق