उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने 'हिन्दुस्तान' के साथ हुए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में 69000
शिक्षक भर्ती में हो रही देरी को लेकर भी बेबाकी से अपना पक्ष रखा।
हिन्दुस्तान के एडिटर इन चीफ शशि शेखर की ओर से पूछे जाने पर कि क्या भर्ती
परीक्षा रिजल्ट और ज्वॉइनिंग के गैप को पाटा जा सकता है? इस पर सीमए योगी
आदित्यनाथ ने कहा जो हम कहते थे और सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा था कि योग्यता
और मेरिट के अनुसार बेहतर उम्मीदवारों का चयन होना चाहिए। उसी को हमने
शिक्षक भर्ती में लागू किया।
सीएम योगी ने कहा कि योग्य उम्मीदवारों के
चयन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने जनरल उम्मीदवारों के लिए 65 - 70
प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए कम से कम 60 फीसदी मेरिट का नियम लागू
किया। पहली भर्ती में एक लाख 60 हजार से ज्यादा आवेदन आए इसमें से एक लाख
40 हजार उम्मीदवारों को सफल पाया गया और उन्हें ज्वॉइनिंग दी गई। लेकिन
69000 भर्ती के लिए जब आवेदन आमंत्रित किए गए तो पांच लाख से ज्यादा
उम्मीदवारों ने आवेदन किया। यही कारण था मजबूरन सरकार को मेरिट प्रतिशत
बढ़कार 60-65 प्रतिशत करना पड़ा।
चंदा वसूली वाले लोग अटका रहे रोड़ा-
सरकार के स्तर पर कोई गलती नहीं हुई, लेकिन कुछ लोग हैं तो चंदा वसूली करने के लिए चंदा वसूली करने के लिए पीआईएल दाखिल करके बाधा उत्पन्न करने का काम कर रहे हैं। सरकार छात्रों के हित की लड़ाई लडे़गी और दूध का दूध, पानी का पानी होगा।
सरकार के स्तर पर कोई गलती नहीं हुई, लेकिन कुछ लोग हैं तो चंदा वसूली करने के लिए चंदा वसूली करने के लिए पीआईएल दाखिल करके बाधा उत्पन्न करने का काम कर रहे हैं। सरकार छात्रों के हित की लड़ाई लडे़गी और दूध का दूध, पानी का पानी होगा।
जब सुप्रीम कोर्ट इस बारे में यह बात कही
चुका है तो कोई बाधा का सवाल नहीं उठता। जो लोग इस मामले में बाधा पैदा कर
रहे हैं वह भी तथ्य सामने आएगा।
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