69000 शिक्षक भर्ती में हाईकोर्ट की डबल बेंच ने प्रदेश सरकार को दोहरी राहत दी है। एक ओर लिखित परीक्षा में पूछे गए 142 प्रश्नों के उत्तर विवाद का पटाक्षेप हो गया है, वहीं भर्ती के लिए चयनितों को नियुक्ति देने की राह आसान हुई है। सरकार चाहे तो कुल पदों में से 31,661 पर शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। भर्ती के सभी पदों पर नियुक्ति के लिए शीर्ष कोर्ट का स्थगनादेश बाधा है।
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापक पदों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में पूछे गए 150 सवालों में से 142 प्रश्नों के उत्तर को चुनौती मिली थी। हालांकि याचियों ने 14 प्रश्नों के जवाब पर आपत्ति की थी लेकिन, लखनऊ की एकल खंडपीठ ने पहली उत्तरकुंजी के बाद मिली सभी आपत्तियों की यूजीसी से जांच कराने का आदेश दिया था। इस प्रक्रिया में वक्त अधिक लगता और प्रश्नों के जवाब बदलने से परीक्षा का परिणाम और जिला आवंटन सभी प्रभावित होता। डबल बेंच ने इस मामले में शीर्ष कोर्ट के उसी आदेश का जिक्र करते हुए सिंगल बेंच के आदेश पर स्टे किया, जिसे दैनिक जागरण ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उसमें कहा गया था कि प्रश्नों के जवाब यदि दो किताबों में अलग हैं तो अंतिम राय विशेषज्ञों की ही मानी जाएगी।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापक पदों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में पूछे गए 150 सवालों में से 142 प्रश्नों के उत्तर को चुनौती मिली थी। हालांकि याचियों ने 14 प्रश्नों के जवाब पर आपत्ति की थी लेकिन, लखनऊ की एकल खंडपीठ ने पहली उत्तरकुंजी के बाद मिली सभी आपत्तियों की यूजीसी से जांच कराने का आदेश दिया था। इस प्रक्रिया में वक्त अधिक लगता और प्रश्नों के जवाब बदलने से परीक्षा का परिणाम और जिला आवंटन सभी प्रभावित होता। डबल बेंच ने इस मामले में शीर्ष कोर्ट के उसी आदेश का जिक्र करते हुए सिंगल बेंच के आदेश पर स्टे किया, जिसे दैनिक जागरण ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उसमें कहा गया था कि प्रश्नों के जवाब यदि दो किताबों में अलग हैं तो अंतिम राय विशेषज्ञों की ही मानी जाएगी।
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