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सहायक शिक्षक की तरह काम नहीं कर रहा कोई भी शिक्षामित्र

नई दिल्‍ली : 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अर्जी में प्रदेश सरकार ने कहा हैं कि सुप्रीम कोर्ट के शिक्षामित्रों के बारे में दिए गए 2017 के मूल आदेश के बाद कोई भी शिक्षामित्र सहायक शिक्षक की तरह काम नहीं कर रहा है। मूल फैसला आने से पहले सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजित किए गए सभी शिक्षामित्र सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षामित्र पद पर वापस कर दिए गए थे और इसके बाद 2019 में सहायक शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया और परीक्षा हुई थी।



इसमें जनवरी 2019 को हुईं 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती परीक्षा में न्यूनतम योग्यता अंक सामान्य वर्ग के लिए. 65 और आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसद रखे गए थे। सरकार के न्यूनतम योग्यता अंक 65 और 60 फीसद तय करने के आदेश को ही शिक्षामित्रों ने इस लंबित मामले में चुनौती दी है और न्यूनतम योग्यता अंक 45 और 40 फीसद करने की मांग की है.

शिक्षामित्रों की इसी याचिका पर कोर्ट ने 21 मई और 9 जून का अंतरिम आदेश जारी किए थे जिसमें परीक्षा में शामिल शिक्षामित्रों के अंकों का ब्योरा
राज्य सरकार से मांगा था साथ ही कहा था कि जा शिक्षामित्र सह्ययक शिक्षक के तौर पर काम कर रहे हैं उन्हें न डिस्टर्ब किया जाए।

प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का ब्योरा देते हुए कह्य है कि प्रदेश में इस समय कुल 152330 शिक्षामित्र काम कर रहे हैं। जिसमें से शिक्षक भर्ती परीक्षा 2019 में 45357 ने भाग लिया।

परीक्षा में शामिल हुए शिक्षामित्रों में से सामान्य वर्ग के 9386 शिक्षामित्रों ने 45 फीसद से ज्यादा और 65 फीसद से कम अंक अर्जित किये।

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