इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न मान्यता प्राप्त अनुदानित बेसिक स्कूलों में शिक्षकों की अवैध नियुक्ति की एसआईटी जांच पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश सुनील कुमार त्रिपाठी की जनहित याचिका पर दिया।
याचिका के अनुसार राज्य सरकार ने गोंडा जिले के 28 अनुदानित बेसिक स्कूलों के शिक्षकों की नियुक्ति में हुई गड़बड़ियों की एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। याची का कहना है कि पूरे प्रदेश के विभिन्न बेसिक स्कूलों में भी शिक्षकों की अनियमित और अवैध नियुक्तियां हुई हैं।
इनकी भी एसआईटी जांच कराई जानी चाहिए। याची की अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर और अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता एचपी श्रीवास्तव को सुनने के बाद अदालत ने राज्य सरकार को जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद मामले की सुनवाई होगी।

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