Advertisement

Govt Jobs : Opening

13 साल सरकारी स्कूल में रहे शिक्षक, पेंशन एक रुपये नहीं: अप्रैल 2005 के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की सेवानिवृत्त के बाद आर्थिक स्थिति बेहद खराब

 प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अप्रैल 2005 के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की सेवानिवृत्त के बाद आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। नई पेंशन योजना 16 साल बाद भी लागू नहीं होने के कारण ये शिक्षक दवा-इलाज तक के लिए मोहताज हैं। जिन शिक्षकों के हाथ में हर महीने 60-70 हजार रुपये वेतन आते थे उनके सामने जीवन काटना बड़ी समस्या बन गया है।



केपी इंटर कॉलेज से रिटायर कल्पना सागर, मंगला प्रसाद इंटर कॉलेज बामपुर की आशा व्यास व आनंद निधान सिंह, केवीएम इंटर कॉलेज कमलानगर की रानी शर्मा, फिरोज गांधी इंटर कॉलेज गारापुर की उषा श्रीवास्तव, सुभाष एंग्लो वैदिक इंटर कॉलेज के राम सिंह जैसे शिक्षकों के लिए रिटायरमेंट के बाद का समय काटना मुश्किल हो रहा है। जबकि अप्रैल 2005 के पहले नियुक्त शिक्षकों को पेंशन के रूप में हर महीने 30 से 40 रुपये मिल रहे हैं।

इनका कहना है

नई पेंशन योजना लागू होने के बाद से शिक्षक एवं कर्मचारी कहीं के नहीं बचे हैं। सबसे खराब स्थिति विशेष विशेषज्ञों की है। एक तो सरकार ने इनकी पहले की सेवाएं नहीं जोड़ी और जो सेवाएं जोड़ी भी गई, उसके एवज में एक रुपये पेंशन नहीं मिल रही। आखिर ये रिटायर शिक्षक किसके सहारे अपना बुढ़ापा काटे।

योगेश कुमार मिश्रा, केसर विद्या पीठ इंटर कॉलेज

ليست هناك تعليقات:

إرسال تعليق

UPTET news