बाराबंकी : दूसरे की डिग्री लेकर शिक्षक की नौकरी करने वाले दो शिक्षक शनिवार को गिरफ्तार कर लिए गए। महिला सहित दो शिक्षक बर्खास्त होने के बाद फरार चल रहे थे। हैदरगढ़ पुलिस ने इन्हें खोज निकाला और जेल भेज दिया।
कोतवाली हैदरगढ पर खंड शिक्षा अधिकारी हैदरगढ़ नवाब वर्मा ने 26 जुलाई 2020 को एक एफआइआर दर्ज कराई गई थी। इसमें फर्जी शिक्षक अभिषेक त्रिपाठी पूर्व माध्यमिक विद्यालय सीठूमऊ में कार्यरत था। यह दूसरे की डिग्री पर नौकरी कर रहा था। इसे 23 जून को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस इन आरोपितों की खोजबीन में लगी थी। यह फर्जी शिक्षक अभिषेक त्रिपाठी पुत्र राजेंद्र त्रिपाठी देवरिया के पिपरा रामघर का रहने वाला है। जिसे पुलिस ने उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया। जबकि दूसरा मुकदमा 20 अक्टूबर 2020 को बीईओ नवाब वर्मा ने ही दर्ज कराया था। जिसमें प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय कनवा की स्वाती तिवारी को आरोपित बनाया गया था।
फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त कर कर नौकरी कर रही थी। बीएसए ने इसे भी पुष्टि के आधार पर बर्खास्त कर दिया था। स्वाती तिवारी पुत्री विनोद चंद्र तिवारी देवरिया के ग्राम कपरीपार पोस्ट बगहा, थाना मई की रहने वाली है। हैदरगढ़ कोतवाल धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने बाद लगातार गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे थे। दोनों फर्जी शिक्षकों को पकड़कर जेल भेज दिया गया है।

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