प्रयागराज : प्रदेश के एडेड माध्यमिक कालेजों में बड़ी संख्या में तदर्थ शिक्षक नियुक्त हैं। इन शिक्षकों ने नियमित करने की मांग सुप्रीम कोर्ट में की तो शासन हरकत में आया।
कालेजों में इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों को तैनाती मिलने की पड़ताल में प्रथम दृष्टया अधियाचन यानी रिक्त पद भेजने में ही खेल दिखा। सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों से पूछा गया था कि शिक्षक पद का अधियाचन यदि चयन बोर्ड को नहीं भेजा गया तो दोषी अधिकारी का नाम क्या है और उसकी वर्तमान में तैनाती कहां है?इन सवालों का जवाब माध्यमिक शिक्षा महकमे के अफसर पांच माह में खोज नहीं सके हैं। इसीलिए रिक्त पदों का ब्योरा भेजने में खेल करने वाले न तो चिन्हित हो सके हैं और न ही किसी पर कार्रवाई हुई है। जांच कब तक पूरी होगी यह अफसर भी जानते। यह जरूर है कि कोर्ट के निर्देश पर चयन बोर्ड तदर्थ शिक्षकों से प्रवक्ता व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक 2020 के पदों के लिए आवेदन ले रहा है। असल में, सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह व अन्य बनाम उप्र व अन्य सहित सिविल अपीलों पर 28 फरवरी 2020 को जवाब तलब किया। उनका कहना है कि जांच चल रही है, शासन को रिपोर्ट भेजेंगे। कुछ अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है।

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