एक वेबिनार में गाजीपुर की हर्षिता ने पूछा- इंटरनेट की सुविधा न होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही। लखनऊ के एक स्लम में वंचित तबके के बच्चों के साथ मौजूद युवा दुर्गेश त्रिपाठी ने भी सवाल पूछा। सतीश चंद्र द्विवेदी ने इस मुद्दे पर बात रखने के लिए उसे शाबाशी दी।
उन्होंने कहा कि कभी कल्पना भी नहीं की थी 1.5 लाख से अधिक वाट्सएप ग्रुप बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों को आनलाइन शिक्षा सुलभ कराने के लिए काम कर रहा है। शुरुआत में हम लोगों ने इसकी दिक्कत महसूस की थी, इसीलिए दूरदर्शन की मदद से बच्चों की शिक्षा का प्रबंध किया है ।
आने वाले दिनों में हर विद्यालय को एक टैबलेट दिया जाएगा, इंटरनेट कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। पंचायत भवन को फाइबर आप्टिकल से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि पूरे स्कूलों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा

ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق