नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र व दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि सरकारी, निजी व संविदा व दिहाड़ी पर काम करने वाली महिलाओं को माहवारी के लिए अवकाश देने पर विचार करे।
मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल व न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने कहा कि दिल्ली व केंद्र सरकार इस संबंध में दायर याचिका को प्रतिवेदन के तौर पर ले। दिल्ली लेबर यूनियन की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया था कि माहवारी के दौरान चार दिनों का अवकाश व अलग से शौचालय एवं सैनिटरी नैपकिन दिया जाए। इस तरह की सुविधाएं बिहार समेत कई राज्य सरकारें मुहैया करा रही हैं।

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