बैंकों के तर्ज पर बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के लिए ऑनलाइन ‘लर्निंग पासबुक’ बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षकों को इसकी मदद से ऑनलाइन शैक्षिक सामग्री के ‘डेबिट’ एवं ‘क्रेडिट’ की जानकारी एक क्लिक में हासिल हो सकेगी। दीक्षा एप के जरिए महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) विजय किरन आनंद इसकी निगरानी रखेंगे कि शिक्षकों ने कितनी शैक्षिक सामग्री का उपयोग किया है। इसे लेकर उनका आदेश गोरखपुर के बीएसए दफ्तर पहुंच गया है।
आदेश के मुताबिक इस पहल के तहत शिक्षकों को तय समय में कक्षावार उपलब्ध अध्ययन सामग्री को छात्रों को पढ़ाना होगा। शिक्षकों को लर्निंग पासबुक में पढ़ाई गई सामग्री को डेबिट और क्रेडिट के खाते में दर्ज भी करना होगा। दीक्षा एप की निगरानी स्वयं महानिदेशक के स्तर से की जा रही है। इस एप पर शिक्षकों के साथ ही विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इसके तहत बनी व्यवस्था में अध्यापकों के लिए हर हफ्ते का पाठ्यक्रम भी तय किया गया है। एप की हर गतिविधि को मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। शिक्षकों के लिए तैयार लर्निंग पासबुक, डिजिटल डायरी की तर्ज पर काम करेगा ।

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