उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा ( यूपी- टीईटी) 2020 कराने की अनुमति शासन से मिल गई है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय दीपावली की छुट्टियों के बादपरीक्षा के लिए विस्तृत प्रस्ताव भेजेगा। तैयारी के लिए कम से कम
तीन महीने की आवश्यकता होगी इसलिए परीक्षा 15 फरवरी के बाद ही होने की संभावना है। 2011 में शुरू हुई टीईटी के लिए वेसे तो हर बार बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं लेकिन इस बार रिकॉर्ड आवेदन का अनुमान है। ऐसा इसलिए है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई ) ने हाल ही में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी ) की वैधता सात साल से बढ़ाकर आजीवन कर दी है। अभ्यर्थियों का मानना है कि आज नहीं तो कल यूपी-टीईटी की वैधता भी आजीवन के लिए होती है तो उन्हें दोबारा परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वैसे यह निर्णय प्रदेश सरकार को लेना है कि टीईटी प्रमाणपत्र की वैधता पांच साल रहेगी या आजीवन मान्य होगा।

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