नई दिल्ली : कोरोना संक्रमण की स्थिति काबू में रही तो राज्यों की सहमति से 10वीं और 12वीं के छात्रों को 15 दिसंबर के बाद प्रैक्टिकल से जुड़े कार्यो के लिए स्कूल बुलाया जा सकता है। फिलहाल केंद्रीय विद्यालय संगठन ने इसे लेकर
एक योजना बनाई है। इसके तहत छात्रों को छोटे-छोटे ग्रुपों में बुलाया जाएगा। इस दौरान उनसे पूरे समय प्रैक्टिकल कार्य ही कराए जाएंगे। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने यह सक्रियता तब दिखाई है, जब बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आ गई हैं और अब तक छात्रों को प्रैक्टिकल नहीं कराया गया है। यह स्थिति तब है कि बोर्ड परीक्षाओं में थ्योरी और प्रैक्टिकल के लिए अलग-अलग अंक तय हैं।

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