Advertisement

Govt Jobs : Opening

छोटी सी गलती हजारों अभ्यर्थियों के लिए पड़ी भारी: 69000 भर्ती में मिली राहत पर इस भर्ती में नहीं दिया कोई मौका

 परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में मामूली गलती करने वाले अभ्यर्थियों को तो राहत मिल गई है लेकिन टीजीटी 2016 सोशल के अभ्यर्थियों को राहत के आसार निकट भविष्य में मिलता नहीं

दिख रहा। छोटी सी गलती के कारण हजारों अभ्यर्थियों की नियुक्ति फंसी है। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) 2016 सामाजिक विज्ञान में सफल 3662 अभ्यर्थी की लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित होने के सालभर बाद भी साक्षात्कार नहीं दे सके हैं।



माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने 26 नवंबर 2019 को टीजीटी 2016 सामाजिक विज्ञान की लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित किया था। जिसमें बालक वर्ग में 3359 और बालिका वर्ग में 303 अभ्यर्थी सफल थीं। परीक्षा में नागरिक शास्त्र, भूगोल, इतिहास और अर्थशास्त्र विषयों के चार खंड में प्रश्न पूछे जाते हैं। अभ्यर्थियों को इनमें से दो खंडों के प्रश्नों का ही जवाब ओएमआर शीट पर देना होता है। सैकड़ों अभ्यर्थी ऐसे थे जिन्होंने दो खंड का जवाब देने के अलावा तीसरे खंड के एक या दो प्रश्न भी हल कर दिए।

चयन बोर्ड ने इन अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित नहीं किया। इसके खिलाफ उन अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका कर दी। मनोज कुमार और 99 अन्य के मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 14 फरवरी 2020 को उन अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित करने का आदेश दिया था जिन्होंने दो खंड के अलावा गलती से तीसरे खंड के एक या दो सवाल हल कर दिए थे। हालांकि चयन बोर्ड ने कोर्ट के इस आदेश खिलाफ डबल बेंच में अपील कर दी जो अब तक विचाराधीन है। इन मामूली गलतियों का नतीजा यह है कि टीजीटी-पीजीटी भर्ती 2016 के सभी विषयों के साक्षात्कार 16 दिसंबर को खत्म हो रहे है। लेकिन सामाजिक विज्ञान का विवाद हल नहीं हो सका है।

ليست هناك تعليقات:

إرسال تعليق

UPTET news