शिक्षक की नौकरी मिलते ही आठ सिपाहियों ने वर्दी उतार दी। ऐसा नहीं है कि उन्हें पुलिस सेवा में उनकी रुचि नहीं थी, मगर आगे बढ़ने की चाह के आगे पुलिस की नौकरी का मोह त्याग दिया। चार दिन पहले इन सिपाहियों को बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक की नौकरी मिली तो इनके सपने को जैसे पंख लग गए।
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक की नौकरी मिलते ही सिपाही सूर्य प्रताप सिंह, संतोष भारती, रीता, वंदना भारती, राजेश कुमार, श्रवण कुमार, अनिकेत आर्य, विनीत कुमार ने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया। इन सिपाहियों का नौकरी छोड़ने का मकसद सिर्फ यह है कि अब उन्हें सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी का भरपूर समय मिल सकेगा। अयोध्या जिले के गोसाइगंज थाना के परमानपुर गांव के रहने सूर्य प्रताप सिंह पुत्र रणजीत सिंह किसान परिवार से हैं। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद से इन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। आजमगढ़ जिले के तरवा थाना के हैवतपुर डुभाव गांव निवासी संतोष भारती पुत्र स्वर्गीय जय प्रकाश राम परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य हैं। वर्ष 2016 में इन्हें सिपाही की नौकरी मिली। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का नतीजा रहा कि अब संतोष को शिक्षक की नौकरी मिल गई। एटा जिले के अलीगंज थाना के लड़किया गांव की रहने वाली रीता भी आइएएस, आइपीएस बनने का सपना संजोए हुए हैं।

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