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फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी कर रहीं दो सहायक अध्यापिकाएं बर्खास्त, बीएसए ने की कार्रवाई

 उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रही दो सहायक अध्यापिकाओं को बीएसए ने सोमवार को बर्खास्त कर दिया। इसके साथ ही संबंधित थाने में केस दर्ज कराने और अब तक लिए वेतन की रिकवरी का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई एसटीएफ और महानिदेशक स्कूली शिक्षा अभियान के निर्देश पर किया गया है।

बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एएसपी एसटीएफ लखनऊ ने पांच शिक्षकों के दस्तावेज मांगे थे। जिसमें आशा देवी सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय बालूशासन बघौली का नाम भी शामिल था। जिसके बाद शिक्षिकाओं से दस्तावेज बीईओ से प्राप्त कर एएसपी को भेजा गया।


एएसपी ने प्रमाण पत्रों की सत्यापन रिपोर्ट दी जिसमें शैक्षिक दस्तावेज कूटरचित कर बनाए गए थे। एसटीएफ की रिपोर्ट पर आशा देवी को बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही महानिदेशक स्कूली शिक्षा अभियान ने 76 शिक्षकों के दस्तावेज का नए सिरे से सत्यापन कराने का निर्देश दिया था। जिसमें प्राथमिक विद्यालय मेहनियां में तैनात सहायक अध्यापिका मंजूलता तिवारी का नाम भी था।

वह 21 फरवरी 2019 से चिकित्सीय अवकाश पर जाने के बाद आज तक विद्यालय पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। उनको कई बार नोटिस भेजा गया पर कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद 18 नवंबर 2020 को मंजूलता को निलंबित कर जांच बीईओ सांथा को सौंपी गई।

बीईओ की जांच शुरू हुई तो संबंधित अध्यापिका ने इस्तीफा भेज दिया। इसके बाद उनको 16 दिसंबर को मंजूलता के पते पर नोटिस भेजा गया पर नोटिस वापस आ गया। जिससे संबंधित अध्यापिका की नियुक्ति संदिग्ध प्रतीत हो रही है। जिसको देखते हुए मंजूलता तिवारी को बर्खास्त कर दिया गया है।

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