प्रदेश में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के ऑनलाइन फॉर्म में संशोधन का मौका न दिए जाने व चयन निरस्त करने के आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में रिट याचिका दाखिल की गई है। संध्या सोनकर व अन्य की ओर से दाखिल इस याचिका पर 5 अप्रैल को सुनवाई होगी।
याचियों के अधिवक्ता दीपक सिंह ने बताया कि ऑनलाइन फॉर्म भरने के दौरान बीएड व बीटीसी के अभ्यर्थियों ने प्राप्तांक व पूर्णांक में T(टी) को भ्रमवश टोटल समझकर अंक भर दिया। जबकि विभाग द्वारा टी का मतलब थ्योरी था। लेकिन भर्ती संबंधी शासनादेश में कहीं भी टी की व्याख्या थ्योरी के रूप में नहीं की गई थी। अधिवक्ता ने बताया कि शिक्षा विभाग ने 5 मार्च 2021 को शासनादेश जारी कर कई त्रृटियों को सुधारने का मौका दिया। इतना ही नहीं जो अभ्यर्थी राज्य मेरिट लिस्ट से बाहर थे, उन्हें भी त्रृटि सुधार कर मेरिट में शामिल करने आदेश दिया। मगर उपरोक्त गलती करने वाले अभ्यर्थी को त्रृटि सुधार का मौका नहीं दिया गया जबकि सभी अभ्यर्थी जिले व राज्य मेरिट लिस्ट में आते हैं और इसी आधार पर चयनित कुछ अभ्यर्थियों का चयन भी निरस्त कर दिया गया। इन तथ्यों के आधार अभ्यर्थियों ने रिट याचिका दाखिल की है।

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