योगी सरकार ने अब ऐसे मरीजों को भी कोरोना का उपचार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये हैं जिनकी कोविड जांच रिपोर्ट नेगेटिव है मगर एक्सरे रिपोर्ट, सिटी स्कैन और ब्लड रिपोर्ट में कोरोना जैसे लक्षण मिल रहे हैं। साथ ही सीएम योगी ने एक और बड़ा फैसला किया है। सीएम योगी ने कहा कि आरटीपीसीआर टेस्ट निगेटिव आने के बाद भी अगर कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखते हैं तो भी व्यक्ति को कोरोना मरीज माना जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना होने की आशंका के चलते व्यक्ति का कोरोना मरीज की तरह ही उपचार हो और उसे प्रिजम्टिव कोविड की कैटेगरी में रखा जाए।
इस बारे में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने शनिवार को सभी सीएमओ और सभी मण्डलीय उपनिदेशकों को एक पत्र जारी किया है। इस पत्र में कहा गया है कि ऐसे रोगी जिनकी प्रयोगशाला जांच में कोविड रोग की पुष्टि नहीं होती है मगर लक्षणों के आधार पर या फिर एक्स-रे, सीटी स्कैन और ब्लड रिपोर्ट आदि जांचों के आधार पर कोविड से प्रभावित प्रतीत होते हैं ऐसे मरीजों को प्रिजम्टिव कोविड-19 रोगी माना जाएगा।
ऐसे रोगियों का उपचार करने वाले डाक्टर के परीक्षण के बाद उक्त रोगी को अगर कोविड रोड के उपचार दिए जाने की जरूरत लगती है तो ऐसे रोगियों को कोविड रोगी के समान ही उपचार दिया जाएगा।
ऐसे प्रिजम्टिव कोविड-19 डायग्नोसिस वाले रोगियों को उपचार की सुविधा पहले से स्थापित कोविड उपचार केन्द्रों पर ही उपलब्ध करवायी जाएगी। ऐसे रोगियों को इन कोविड उपचार केन्द्रों में अलग वार्ड में रखा जाएगा।

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