लखनऊ। आजमगढ़ के मदरसों में 13 शिक्षकों व कर्मचारियों की फर्जी नियुक्ति पर मुकदमा दर्ज कराने के के प्रकरण में मदरसा शिक्षा परिषद ने सख्ती दिखाई है। परिषद ने इनमें से 12 शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति के समय दी गई सहमति वापस ले ली है। अब इन्हें वेतन नहीं मिलेगा। एक शिक्षिका सेवानिवृत्त हो चुकी है।
इस मामले में एसआईटी ने 23 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराया है। सभी नियुक्तियों में बिंदुवार अनियमितता बताई गई है। जैसे किसी ने शैक्षिक योग्यता पूरी नहीं की थी तो किसी ने 18 साल की आयु पूरी होने से पहले ही नौकरी प्राप्त कर ली। किसी के दस्तावेज गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों के मिले इस प्रकरण में शुक्रवार को रजिस्ट्रार उप्र मदरसा शिक्षा परिषद ने डीएम आजमगढ़ को पत्र भेजकर कहा है कि इन सभी की नियुक्ति की सहमति को परिषद ने वापस ले लिया है। इस मामले में डीएम विधिक कार्रवाई कर परिषद को भी अवगत कराएं।

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