कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन में सवा साल से पढ़ाई-लिखाई ऑनलाइन चल रही है। इस बदलाव ने शिक्षकों की अनिवार्य न्यूनतम योग्यता में भी परिवर्तन कर दिया है। अब स्कूल वाले टेक्नोलॉजी फ्रेंडली शिक्षकों को लेना
पसंद कर रहे हैं ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लग रही कक्षा में परेशानी न हो। सरकारी स्कूलों में होने वाली शिक्षकों की भर्ती के कायदे-कानून बदलने में तो समय लगेगा लेकिन निजी स्कूलों ने बदलाव लागू कर दिया है।शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन में बकायदा ऑनलाइन क्लास लेने में सहज अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे जा रहे हैं। पिछले महीने रेड ईगल आर्मी प्री प्राइमरी स्कूल ओल्ड कैंट तेलियरगंज ने शिक्षिकाओं की भर्ती के लिए जो विज्ञापन निकाला उसमें कम्प्यूटर का आधारभूत ज्ञान (ट्रिपलसी), टेक्नोलॉजी फ्रेंडली व ऑनलाइन क्लास लेने में सहज होना अनिवार्य शर्त के रूप में रखा था। स्कूल संचालकों का यह मानना है कि ऑनलाइन शिक्षा भविष्य में और सुदृढ़ होगी।
इनका कहना है
निश्चित रूप से लॉकडाउन के कारण शिक्षकों को तकनीकी रूप से सक्षम होना अनिवार्य है। सबसे बड़ी चुनौती सामने कोई बच्चा न होने के बावजूद पढ़ाना है। हम शिक्षकों को नियुक्त करने के बाद तीन दिन की ट्रेनिंग देते हैं। शिक्षण के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय और भाषा पर पकड़ और क्लास में अनुशासन बनाए रखना है।
फादर थॉमस कुमार, प्रिंसिपल सेंट जोसेफ

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