उरई : जालौन जिले में यमुना और सिंध के विकराल रूप धारण करने के बाद 70 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। महेबा ब्लाक में बाढ़ के पानी से 25 से अधिक गांव घिरे हुए हैं। वहीं रामपुरा ब्लाक में करीब 22 गांव प्रभावित हैं। रामपुरा ब्लाक के बिलौड़ गांव में प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह से डूब गया है।
एनडीआरएफ की टीम ने बिलौड़ गांव पहुंच कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है। यहां कई गांव का आवागमन ठप हो गया है। घरों में पानी भरने से पीड़ित घर का सामान बचाकर सड़क पर रखे हुए हैं। लगातार पानी बढ़ने के भय से लोग रतजगा करके रात बिता रहे हैं। कई घरों के चूल्हे नहीं जले पड़ोसियों के यहां से भोजन मिल रहा है। यमुना नदी में लगातार बाढ़ का पानी बढ़ने से उफान पर आ गई है। बाढ़ के पानी से गांव बुरी तरह से गिर चुके हैं इन गांवों के बा¨शदे बाढ़ के भयावह रूप से बुरी तरह दहशत में हैं। मंगरौल, गुढ़ाखास, देवकली, हीरापुर, महेबा, शेखपुर गुढ़ा में कई घरों में पानी भरने से लोग अपना सामान बाढ़ के पानी में घुसकर बाहर निकाल रहे हैं।

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