राज्यसभा ने निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) अधिनियम, 1961 में संशोधन का प्रावधान करने वाले एक संशोधन विधेयक को भी मंजूरी दी। इसमें संकट ग्रस्त बैंक पर लेन- देन की पाबंदी लगने की स्थिति में
जमाकर्ता पांच लाख रुपए तक की राशि निकाल सकेंगे। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, इसका उद्देश्य बैंकिंग व्यवसाय के निलंबन की स्थिति में 90 दिन में मिलेगी रकम अधिनियम में संशोधन लागू होने के बाद बैंक पर लेन-देन की रोक लगने पर जमाकर्ताओं को 90 दिन के भीतर पांच लाख तक की अपनी जमा राशि प्राप्त करने का अवसर सुनिश्चित होगा। जमाकर्ताओं को उनका पैसा आसानी से उपलब्ध कराना है। मंत्रिमंडल ने 28 जुलाई को इसे मंजूरी दी थी।

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