प्रयागराज विभाग में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए शिक्षक बृजेंद्र सिंह ने 2015 में तत्कालीन बीएसए राजकुमार यादव से जनसूचना अधिकार के तहत कुछ जानकारी मांगी थी। लेकिन आरटीआई का जवाब नहीं दिया गया। 2015 में आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना का 2021 तक जानकारी न देने पर तत्कालीन बीएसए पर 25 हजार रुपये का जुर्माना हुआ है।
शिक्षक का आरोप है कि उल्टा बीएसए ने एक शिक्षिका के शिकायती पत्र पर निलंबित करने की साजिश रवी बृजेंद्र ने शिकायत पत्र के आधार स्वरूप साक्ष्य की कापी मागी लेकिन विभाग की ओर से नहीं दो गई आरोप पत्र के साथ भी साक्ष्य को कापी नहीं दी गई।

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