लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिये प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों की भर्ती कराने वाले गिरोह के सरगना व उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो फर्जी प्राइमरी शिक्षक भी शामिल है। इस गिरोह ने 100
से अधिक शिक्षकों की भर्तियां करवायी है और चर्चा यह भी है कि ये लोग प्रति अभ्यर्थी तकरीबन छह लाख रूपये वसूलते थे। चर्चा यह भी है कि प्रयागराज स्थित परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों से साठगांठ कर उन्हें बचाने का भी प्रयास किया गया। वहीं एसटीएफ का दावा है कि इस फर्जीवाडेÞ में यह गिरोह करोड़ों रुपये कमा चुका है। इस गिरोह ने कई परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के लिये साल्वर भी उपलब्ध कराये हैं। सरगना से प्रतियोगी परीक्षाओं का रिजल्ट तैयार करने वाली कम्पनी के कर्मचारियों की भी साठगांठ सामने आयी है। एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश के अनुसार गिरोह के सरगना शिकोहाबाद निवासी राम निवास के साथ देवरिया के बनकटा स्थित प्राथमिक विद्यालय में फर्जी दस्तावेजों से शिक्षक बना रविन्द्र कुमार उर्फ रवि और गाजियाबाद निवासी संजय सिंह पकड़े गये हैं। संजय दिल्ली स्थित डाटा सॉफ्ट कम्प्यूटर सर्विसेज में प्रोडक्शन मैनेजर हैं। रविन्द्र कुमार मूल रूप से आगरा का रहने वाला है। इनके पास आठ मोबाइल, सात पेन ड्राइव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सत्यापन फार्म, टीजीटी परीक्षा से जुड़े 26 अभ्यर्थियों की सूची, मगध यूनिवर्सिटी के कई प्रमाण पत्र, छत्तीसगढ़ स्टेट ओपन स्कूल की रोल नम्बर लिस्ट और ढाई लाख रुपये बरामद हुए हैं। इनके बैंक में जमा 19 लाख रुपये भी सीज करा दिया गया है।लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
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