छत्तीसगढ़ और दिल्ली के नक्शे कदम पर चलते हुए यूपी में भी प्राइमरी स्कूलों में खुशी पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारियां चल रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत विद्यार्थियों को प्रकृति, समाज और देश के प्रति और ज्यादा संवेदनशील बनाने के लिए लागू किया जाएगा।
खुशी पाठ्यक्रम के प्रदेश प्रभारी सौरभ मालवीय ने पीटीआई को बताया कि पाठ्यक्रम को यूपी की भौगोलिक और सांस्कृतिक स्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। सौरभ यहां राजकीय शिक्षण प्रबंधन और प्रशिक्षण संस्थान में छह दिवसीय वर्कशॉप में भाग लेने आए हुए है।
उन्होंने बताया कि खुशी पाठ्यक्रम कक्षा एक से आठ तक के बच्चों पढ़ाया जाएगा। इससे वे खुद से, अपने परिवार, समाज, प्रकृति और देश से जुड़ाव महसूस कर सकेंगे। इससे उन्हें अंतरसंबंध समझने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि छात्रों को ध्यान भी सिखाया जाएगा।
वर्कशॉप में ट्रेनर के तौर पर जुड़े श्रवण शुक्ला ने कहा कि अप्रैल 2022 से शुरू हो रहे अगले सत्र में खुशी पाठ्यक्रम लागू करने के हिसाब से तैयारियां हो रही हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में 1.30 लाख प्राइमरी स्कूल हैं, जिनमें सात लाख शिक्षक पढ़ाते हैं।
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