जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज त्रिपाठी का तर्क था कि आरोपी को एसटीएफ उपनिरीक्षक अतुल चतुर्वेदी ने गिरफ्तार किया था। उसके पास से 35 हजार रुपये नगद एवं प्रश्न पत्र उत्तर सहित बरामद हुए थे। यह भी कहा गया कि अभियुक्त एवं उसके साथियों की इस अपराध में अहम भूमिका है और उसके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा है कि अभियुक्त गाड़ी पर बैठकर परीक्षा देने आ जा रहे बच्चों को बहला-फुसलाकर परीक्षा की उत्तर कुंजी को प्रलोभन देकर बेच रहा था। अदालत ने यह भी कहा है कि अभियुक्त द्वारा फर्जी एवं जाली हस्तलिखित प्रश्नोत्तर का क्रय विक्रय कर अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ का प्रयास किया गया है जो एक गंभीर मामला है।
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