डीएलएड प्रशिक्षित बेसिक शिक्षा में शिक्षक भर्ती के इंतजार में हैं। वह उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) पास हैं, लेकिन बड़ी शिक्षक भर्ती नहीं निकलने से निराश हैं। उन्होंने प्रश्न उठाया है कि जब शिक्षक भर्ती नहीं देनी है तो डीएलएड पाठ्यक्रम चलाकर शिक्षित बेरोजगारों की फौज क्यों खड़ी की जा रही है ?
डीएलएड प्रशिक्षु पंकज मिश्र का कहना है कि पांच सालों में 68,000 और 68,500 शिक्षक भर्ती आई, लेकिन वह मूलतः शिक्षा मित्रों के लिए थी। प्रशिक्षितों के लिए कोई बड़ी भर्ती नहीं निकली। पिछले दिनों सरकार ने नई भर्ती निकालने के लिए विद्यार्थी और शिक्षक के अनुपात में शिक्षक पदों का आकलन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। इसमें राजस्व परिषद के अध्यक्ष, महानिदेशक स्कूली शिक्षा और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद शामिल थे। पद के आकलन रिपोर्ट की स्थिति यह है कि तीन महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद उसे सार्वजनिक नहीं किया गया, जबकि अभ्यर्थी अब भी कमेटी की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसके लिए पिछले दिनों बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय में ज्ञापन भी दिया था। सरकार वादे से मुकर रही है।

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